उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। बस्ती पुलिस की नाकामी: तीन चोरी की घटनाएँ CCTV में कैद, फिर भी चोर और माल दोनों लापता।।

।। कई मामलों में चोर साफ–साफ CCTV कैमरों में कैद हो रहे हैं, फिर भी पुलिस अब तक किसी भी मामले में ठोस सफलता नहीं हासिल कर पाई।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। पब्लिक प्लेस से हुई चोरी की घटनाओं का पता लगाने में नाकाम बस्ती पुलिस।।

🔥 बस्ती पुलिस की नाकामी: तीन चोरी की घटनाएँ CCTV में कैद, फिर भी चोर और माल दोनों लापता — जनता का गुस्सा चरम पर।

09 दिसंबर 2025, उत्तर प्रदेश।

बस्ती जिले में चोरी की घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि कई मामलों में चोर साफ–साफ CCTV कैमरों में कैद हो रहे हैं, फिर भी पुलिस अब तक किसी भी मामले में ठोस सफलता नहीं हासिल कर पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये घटनाएँ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती हैं और आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर रही हैं।

पहली घटना: कैली कैम्पस से साइकिल चोरी — चोर CCTV में कैद, पुलिस हाथ पर हाथ धरे—

कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनूपार चौकी अंतर्गत कैली कैम्पस में कुछ दिन पहले दो युवक साइकिल चोरी करते हुए CCTV में रिकॉर्ड हुए। फुटेज में दोनों आरोपी स्पष्ट रूप से दिखते हैं – वे आराम से अंदर घुसते हैं और साइकिल लेकर फरार हो जाते हैं।

पीड़ित ने फुटेज पुलिस को सौंपा, लेकिन कई दिन बाद भी न साइकिल मिली, न आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी हुई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद कार्रवाई न होना लोगों के गुस्से को बढ़ा रहा है।

दूसरी घटना: रेनू राय अस्पताल के सामने गाड़ी की डिग्गी से सामान चोरी—

कोतवाली थाना रौता चौकी क्षेत्र में रेनू राय अस्पताल के ठीक सामने खड़ी एक गाड़ी की डिग्गी से चोरों ने हेलमेट और सामान पार कर दिया। पूरी घटना अस्पताल के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद है। चोर का चेहरा भी स्पष्ट दिख रहा है।

इसके बावजूद पुलिस न चोरों तक पहुंच पाई, न सामान बरामद कर सकी।

तीसरी घटना: जिला न्यायालय गेट संख्या-2 के सामने बाइक चोरी—

बभनान कस्बा निवासी अब्दुल कलाम जिला न्यायालय में तारीख देखने आए थे। उन्होंने अपने परिचित की हीरो स्प्लेंडर बाइक गेट संख्या-2 के सामने खड़ी की। वापस आने पर बाइक गायब थी।उन्होंने तत्काल चौकी सिविल लाइन में लिखित सूचना दी।

सूत्रों के अनुसार, जहाँ बाइक चोरी हुई, वहीं सामने एक हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरा भी लगा है। चौकी प्रभारी अजय सिंह ने जांच का आदेश दिया था, लेकिन:— न बाइक मिली , न चोर, न फुटेज का कोई परिणाम सामने आया।

यह तीसरी बड़ी घटना भी पुलिस की अक्षमता को उजागर करती है। जनता का सवाल — CCTV में चोर दिख रहे हैं, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?

लोगों में बढ़ता रोष कई सवाल खड़े कर रहा है:—

🚨 क्या बस्ती पुलिस CCTV फुटेज का विश्लेषण करने में सक्षम नहीं?

😇 क्या जिले में गश्त और खुफिया तंत्र फेल हो चुका है?

😇 क्या पुलिस लापरवाही के कारण चोर बेखौफ घूम रहे हैं?

😇 जब वीडियो सबूत मौजूद है, फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता अपराधियों को बढ़ावा दे रही है और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। । पुलिस की नाकामी से जनाक्रोश बढ़ा।

🚨 इन तीनों घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि:—

👉 पुलिस अधीक्षक स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें।

👉 लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई हो।

👉 चोरी के मामलों में त्वरित गिरफ्तारी व मालबरामदगी सुनिश्चित की जाए।

कई लोग यह भी कहते दिख रहे हैं कि अगर CCTV में सब कुछ कैद होने के बाद भी पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच रही, तो कानून-व्यवस्था पर भरोसा किस आधार पर किया जाए? इन घटनाओं ने बस्ती पुलिस की नाकामी को बेनकाब कर दिया है और जनता से लेकर व्यापारियों तक में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।

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